ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर अर्थात् ऐसे प्रोग्राम जिसका उपयोग दिन-प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। ये सॉफ्टवेयर User की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाये जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं - MS Office, Pagemaker, Coreldraw, Foxpro इत्यादि । साधारणतः इन सॉफ्टवेयर; जैसे - Foxpro आदि को हम अपने कम्प्यूटर की Memory में लोड करके Data File का निर्माण उनमें संशोधन आदि से कार्यों का सम्पादन करते हैं और अंत में File को Computer की Disk पर Save करके इन प्रोग्रामों को बन्द कर देते हैं। यदि इन Data को Save नहीं किया तो कम्प्यूटर Data को Memory से हटा देता है।Operating system Application Software and Hardware के मध्य सेतु का कार्य करता है। Operating system द्वारा ही Application program को Memory में load किया जाता है और Data के आदान-प्रदान के लिए भी यही उत्तरदायी होते हैं।
सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) यह ऐसे प्रोग्राम होते हैं जिनकी आवश्यकता यूजर से कहीं ज्यादा कम्प्यूटर के हार्डवेयर को संचालित करने के लिए होती है जिसमें कुछ प्रमुख सिस्टम सॉफ्टवेयर हैं; जैसे DOS, OS/2, मेकिनतोस आपरेटिंग सिस्टम, विण्डोस 95, यूनिक्स आदि। सिस्टम सॉफ्टवेयर ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो कम्प्यूटर के विभिन्न भागों को सुचारू रूप से चलाने एवं उन्हें अन्य विभागों से सहायता उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं। डाटा प्रोसेसिंग को किस पार्ट द्वारा सम्पादित किया जाना है इसका निर्धारण भी इन्हीं प्रोग्रामों द्वारा होता है।
ऐसे सॉफ्टवेयर में मुख्य हैं -
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
लैंग्वेज ट्रांसलेटर (Language Translator)
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
कम्प्यूटर ऑपरेटरों द्वारा कम्प्यूटर के सेटअप में अत्यधिक समय बरबाद किये जाने व किसी प्रोग्राम के कम्पाईलेशन या उसकी Assembly के दौरान सिस्टम को Magnetic tapes जिसमें मेन प्रोग्राम व अन्य सहप्रोग्राम स्थित होते हैं की अत्यन्त आवश्यकता पड़ने या उस ही प्रकार अन्य Application program जैसे Inventory control, Account Receivable आदि को कम्प्यूटर के CPU द्वारा प्रतिदिन पढ़े जाने जैसे कार्यों में कम्प्यूटर का अत्यधिक समय नष्ट होता है अतः यदि ये सारे प्रोग्राम किसी स्टोरेज मीडिया; जैसे हार्डडिस्क जो कम्प्यूटर की मेन मेमोरी से लगातार सम्पर्क में रहती है, में स्टोर किया जाए तो यह निश्चित रूप से कम्प्यूटर में लगने वाले समय को कम कर सकता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Functions of an operating system)
एक ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किये जाने वाले कार्य निम्नलिखित हैं -
• इनपुट एवं आउटपुट के काम (Work of Input & Output)
• फॉईल को सम्भालना (File Handling)
• प्रोग्रामों को चलाना (Execution of Programs)
• संसाधनों का आवंटन (Allocation of resources)
• त्रुटि का पता लगाना (Detection of Errors)
• सूचना एवं संसाधन संरक्षण (Information and Resource protection)
कम्प्यूटर का इतिहास
आज कम्प्यूटर मनुष्य के जीवन में हर तरफ अपना प्रभाव डाल चुके हैं। सन् 1990 में कम्प्यूटर विकास के पद पर चल पड़ा था और आज वह इसके शिखर पर विराजमान हो चुका है। इस अध्याय का उद्देश्य आपको उस समय में ले जाना है जब कम्प्यूटर प्रथम प्रकट हुए थे और विभिन्न चरणों में इनके इतिहास की कहानी गढ़ी गई थी। साथ में आप यह भी जानेंगे कि कम्प्यूटर किन विभागों में अतिआवश्यक है?
अगला Session आपका परिचय कम्प्यूटर के Hardware एवं सॉफ्टवेयर से कराएगा जिसके समन्वय से कम्प्यूटर का निर्माण होता है। साथ ही उसके रख-रखाव व सुचारू कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक तत्त्वों के बारे में बताएगा ।
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